સાહિત્યકાર મુજબ સંગ્રહ... : એ. આર. રહેમાન


बोल सजनी – એ. આર. રહેમાન

આજે શ્રી એ. આર. રહેમાન નું આ ગીત …from Movie : Doli Saja Ke Rakhna… बोल सजनी मोरी सजनी -२ ढंग जहाँ का कितना बदला रंग मोहब्बत का ना बदला चलन वफ़ा का है बस वैसा सदियों से ही था वो जैसा प्यार का दीवानापन है वो हि ओ सजना कह दे प्यार के बोल ज़रा तू भी सजनी रे सजनी रे एक तू ही जहाँ में है अनमोल आजा रे मेरी बाँहों में तू डोल सजनी रे सजनी रे एक तू ही जहाँ में है अनमोल आजा रे मेरी बाँहों में तू डोल बोल सजनी मोरि सजनी जीने का बहाना है ये प्यार साथी सपना सुहाना है ये प्यार साथी संग मेरे साथी चल धरती चली है जैसे आसमाँ संग परबत है कहीं पे घटा संग कहीं धुंध में हम हों जायें ओझल चल ज़माने की आँखों से बच के नैनों में एक दूजे के छुप के बितायें दो पल हम चुपके चुपके बोल सजन मोरे सजना बोल सजन मोरे सजना ढंग जहाँ का कितना बदला रंग मोहब्बत का ना बदला चलन वफ़ा का है बस वैसा सदियों से ही था वो जैसा प्यार का दीवानापन है वो हि ओ सजना कह दे प्यार के बोल ज़रा तू भी सजनी रे सजनी रे एक तू ही जहाँ में है अनमोल आजा रे मेरी बाँहों में तू डोल सदियों पुरानी ये रीत रही है जब भी दिलों में कहीं प्रीत हुई है दुश्मन हुई ये दुनिया डरा नहीं ज़ुल्मों से इश्क़ भी पर तलवारों पे रख दिया सर ज़ंजीरें भी टूटीं ये […]


ऐ अजनबी – એ આર રહેમાન 3

આજે થયુ લાવો કાંઈક અલગ મૂકું, અને આમેય આજે સવાર થી શ્રી એ. આર. રહેમાન નું આ ગીત ગણગણતો હતો…તો એ જ આજે અહીં મૂક્યું છે….અમારા ગ્રૃપના બધા મિત્રોની લગભગ આ એક સર્વ સ્વિકૃત પસંદ હતી….એટલે જ એ યાદ કરૂં છું તો હોસ્ટેલ નો રૂમ અને આ ગીત ગાતા મિત્રો યાદ આવી જાય છે… ओ पाखी पाखी परदेसी ऐ अजनबी तू भी कभी आवाज़ दे कहीं से मैं यहाँ टुकड़ों में जी रहा हूँ तू कहीं टुकड़ों में जी रही है ऐ अजनबी तू भी कभी … रोज़ रोज़ रेशम सी हवा, आते जाते कहती है बता रेशम सी हवा कहती है बता वो जो दूध धुली, मासूम कली वो है कहाँ कहाँ है वो रोशनी, कहाँ है वो जान सी कहाँ है मैं अधूरा, तू अधूरी जी रही है ऐ अजनबी तू भी कभी … ओ पाखी पाखी परदेसी तू तो नहीं है लेकिन, तेरी मुस्कुराहट है चेहरा कहीं नहीं है पर, तेरी आहट है तू है कहाँ कहाँ है, तेरा निशाँ कहाँ है मेरा जहाँ कहाँ है मैं अधूरा, तू अधूरी जी रही है ऐ अजनबी तू भी कभी …  – Gulzar  આશા છે તમને પણ મજા આવશે…